जनपद जालौन के मुख्यालय उरई में कुत्ते के मुँह में एक शिशु का शव देखकर लोगों
में खलबली मच गई. सूचना पर पुलिस ने शिशु शव को कब्जे में करके पोस्टमोर्टेम के
लिए भेज दिया. स्वास्थ्य विभाग से संपर्क करने पर ज्ञात नहीं हो सका कि शिशु शव
बालक का था या बालिका का.
इससे पहले भी उरई में कई घटनाएँ इस तरह की सामने आ चुकी हैं जिनमें कि भ्रूण
अथवा शिशु शवों का मिलना होता रहा है किन्तु न तो स्वास्थ्य विभाग की तरफ से और न
ही जिला प्रशासन की तरफ से कोई सख्त कदम उठाये गए हैं.
ऐसी घटनाओं के पीछे आशंका व्यक्त की जा रही है कि जनपद में अवैध रूप से
संचालित नर्सिंग होम, अवैध रूप से संचालित अल्ट्रासाउंड मशीन आदि का इसमें हाथ है.
कानपुर से मोबाइल अल्ट्रासाउंड मशीन आने की जानकारी कई बार स्वास्थ्य विभाग को
बिटोली अभियान के संचालक डॉ० कुमारेन्द्र सिंह सेंगर द्वारा दी गई किन्तु
स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस ओर कोई ठोस कदम नहीं उठाये गए हैं.
चित्र व्हाट्सएप्प से प्राप्त हुए और खबर अमर उजाला में प्रकाशित हुई...



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